Facebook tracking pixel

कब होगी आपकी शादी, क्यों हो रही है देर, जानिए विवाह के योग

कब होगी आपकी शादी, क्यों हो रही है देर, जानिए विवाह के योग
  • 24 Nov 2024

 

कब होगी आपकी शादी, क्यों हो रही है देर, जानिए विवाह के योग

शादी का सवाल हमेशा से ही लोगों के मन में उत्सुकता और चिंता का विषय रहा है। चाहे वो खुद व्यक्ति हो या उसके माता-पिता, सभी यह जानने के इच्छुक होते हैं कि शादी कब होगी, जीवनसाथी कैसा होगा, और शादी के बाद का जीवन कैसा रहेगा। मेरा शादी कब होगी? (Meri Shadi kab Hogi by Date of Birth Online) इस सवाल का जवाब भारतीय ज्योतिष शास्त्र के माध्यम से दिया जा सकता है।

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार विवाह में देरी केवल संयोग नहीं होती। इसके पीछे कुंडली में बने कुछ विशेष योग, ग्रहों की स्थिति और दोष जिम्मेदार होते हैं। इस लेख में हम विस्तार से जानेंगे विवाह में देरी के कारण व उपाय, ज्योतिष क्या कहता है, और कैसे सही मार्गदर्शन आपकी शादी के रास्ते खोल सकता है।

 

आपकी शादी में देरी क्यों हो रही है? ज्योतिष क्या कहता है?

ज्योतिष के अनुसार हर व्यक्ति की कुंडली में विवाह का समय पहले से संकेतित होता है। यदि विवाह समय पर नहीं हो रहा, तो इसका अर्थ है कि कुंडली में विवाह से जुड़े ग्रह या भाव किसी न किसी रूप में प्रभावित हैं।

सातवां भाव विवाह का मुख्य भाव माना जाता है। यह भाव जीवनसाथी, दांपत्य जीवन और वैवाहिक सुख को दर्शाता है। जब इस भाव पर पाप ग्रहों का प्रभाव होता है या इसका स्वामी कमजोर होता है, तो विवाह में देरी होने लगती है।

कई बार व्यक्ति योग्य होने के बावजूद रिश्ते तय नहीं हो पाते, या बात आगे बढ़ते-बढ़ते टूट जाती है। यह सब ज्योतिषीय कारणों की ओर संकेत करता है।

आप अभी हमारे ज्योतिष विशेषज्ञ से कुंडली में विवाह का योग जान सकते है - ज्योतिष से बात 

 

कुंडली से शादी की भविष्यवाणी कैसे की जाती है?

कुंडली से शादी की भविष्यवाणी केवल उम्र देखकर नहीं की जाती। इसके लिए ज्योतिष कई पहलुओं का गहन विश्लेषण करता है।

जन्म कुंडली में सातवां भाव, उसका स्वामी ग्रह, शुक्र ग्रह (जो विवाह और प्रेम का कारक है), चंद्रमा और नवांश कुंडली का अध्ययन किया जाता है। इसके साथ-साथ दशा और गोचर का भी विशेष महत्व होता है।

यदि विवाह के अनुकूल ग्रहों की दशा चल रही हो, तो विवाह के योग प्रबल हो जाते हैं। वहीं प्रतिकूल दशा विवाह में देरी या रुकावट पैदा करती है। यही कारण है कि एक ही उम्र के दो लोगों की शादी का समय अलग-अलग हो सकता है।

 

Meri Shadi Kab Hogi Kaise Pata Kare? 

ज्योतिष शास्त्र में कुंडली के सातवें भाव को विवाह का भाव कहा जाता है। यह भाव आपकी शादी, जीवनसाथी और वैवाहिक जीवन की स्थिति को दर्शाता है। यदि आपकी कुंडली में शुक्र, चंद्रमा, या गुरु जैसे शुभ ग्रह सातवें भाव में स्थित हैं, तो यह संकेत देता है कि आपकी शादी शुभ और सफल होगी।

शादी में देरी का ज्योतिषीय कारण कुंडली में बने दोषों और ग्रहों की कमजोर स्थिति से जुड़ा होता है।

जब शनि, राहु या केतु जैसे ग्रह विवाह भाव को प्रभावित करते हैं, तो विवाह में विलंब होता है। शनि विशेष रूप से देरी देने वाला ग्रह माना जाता है। यदि शनि सातवें भाव या उसके स्वामी से जुड़ा हो, तो विवाह देर से होता है लेकिन स्थायी होता है।

इसके अलावा शुक्र ग्रह का कमजोर होना भी विवाह में देरी का एक बड़ा कारण है। शुक्र यदि पाप ग्रहों से ग्रसित हो या नीच राशि में हो, तो विवाह संबंधी बाधाएं बढ़ जाती हैं।

  • मेरा शादी कब होगी? यह जानने के लिए जन्म तारीख और समय से कुंडली बनाई जाती है।
     
  • जन्मतिथि कुंडली के जरिए आपकी शादी की सही समयावधि और शादी के बाद के जीवन का आकलन किया जा सकता है। 
     
  •  ज्‍योतिषाचार्य औरं पंडित जी से बात कर अपनी समस्‍या का समाधान पा सकते हैं। जैसी सेवाओं की मदद से आप ऑनलाइन भी अपनी शादी की जानकारी पा सकते हैं।

 

free astrology chat app - When Will I get Married

 

शादी में देरी का कारण - Delay In Marriage

अगर आप सोच रहे हैं कि मेरी शादी कब होगी कैसे पता करे, तो पहले अपनी कुंडली में शादी में देरी के कारणों को समझना जरूरी है।

 

  • मंगल दोष: यदि आपकी कुंडली में मंगल ग्रह अशुभ स्थिति में है, तो यह शादी में देरी या समस्याएं पैदा कर सकता है।
  • शनि की दशा: शनि ग्रह भी विवाह की समय सीमा को प्रभावित कर सकता है।
  • सप्तम भाव का कमजोर होना: अगर सातवां भाव कमजोर है या उस पर अशुभ ग्रहों का प्रभाव है, तो शादी में बाधा आ सकती है।

 

मंगल दोष और उपाय - Remedies for Magnlic Dosha

मंगल दोष का होना शादी में एक बड़ी समस्या हो सकता है। अगर आपकी कुंडली में मंगल दोष है, तो ज्योतिषीय उपाय जैसे पूजा, हवन, और मंगल ग्रह के मंत्र जाप से इसे कम किया जा सकता है।

 

कुंडली मिलान का महत्व - Significance of Kundli Matching

शादी के लिए कुंडली मिलान (Match Kundli Online Free For Marriage) बेहद महत्वपूर्ण है। यह प्रक्रिया आपके और आपके भावी जीवनसाथी के बीच की संगति को परखती है। कुंडली मिलान के जरिए आप यह जान सकते हैं कि आपकी शादी में कौन-कौन सी बाधाएं आ सकती हैं और उनका समाधान कैसे किया जा सकता है।

 

ऑनलाइन शादी की भविष्यवाणी - Marriage Prediction Online

आज के डिजिटल दौर में शादी से जुड़े सवालों का जवाब जानना बेहद आसान हो गया है। कई ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स (Astroera)और ऐप्स निःशुल्क विवाह भविष्यवाणि जेसी सेवाएं प्रदान करते हैं। आप इन्हें इस्तेमाल कर न केवल अपनी शादी की सही तारीख का पता लगा सकते हैं, बल्कि अपनी कुंडली का गहराई से विश्लेषण भी करवा सकते हैं।

 

शादी की सही उम्र का पता लगाना

ज्योतिष के अनुसार, व्यक्ति की शादी की सही उम्र उसकी कुंडली के ग्रहों और दशाओं पर निर्भर करती है। कुछ लोगों की शादी जल्दी हो जाती है, जबकि कुछ की देर से। ज्योतिषी से चैटिंग के जरिए इस बारे में सही जानकारी प्राप्त की जा सकती है।

 

राशिफल से शादी की भविष्यवाणी - Free Horoscope

फ्री कुंडली सेवा के माध्यम से, आप अपनी शादी से जुड़े सवालों के जवाब आसानी से पा सकते हैं। विवाह योग भविष्यवाणी जैसी सुविधाएं न केवल शादी की उम्र बताती हैं, बल्कि आपके जीवनसाथी के स्वभाव, शादी के बाद की संभावनाओं और ग्रह दोषों का भी विश्लेषण करती हैं। यह सेवाएं आपकी कुंडली का अध्ययन करके, सही उपाय और सुझाव प्रदान करती हैं, जिससे शादी का सही समय और खुशहाल वैवाहिक जीवन सुनिश्चित किया जा सके।

 

विवाह में देरी के कारण व उपाय क्यों जानना ज़रूरी है?

केवल कारण जान लेना पर्याप्त नहीं होता। जब तक सही उपाय नहीं किए जाते, तब तक समस्या बनी रह सकती है।

विवाह में देरी के कारण व उपाय जानने से व्यक्ति न केवल समस्या को समझता है, बल्कि उसका समाधान भी ढूंढ पाता है। सही समय पर किए गए उपाय ग्रहों के नकारात्मक प्रभाव को कम कर सकते हैं और विवाह के योग को मजबूत बना सकते हैं।

ज्योतिष उपाय डराने के लिए नहीं, बल्कि मार्गदर्शन देने के लिए होते हैं।


विवाह में देरी के उपाय क्या हो सकते हैं?

ज्योतिष के अनुसार उपाय व्यक्ति की कुंडली के आधार पर तय किए जाते हैं। फिर भी कुछ सामान्य उपाय ऐसे होते हैं जो विवाह में आ रही बाधाओं को कम करने में सहायक होते हैं।

शुक्र ग्रह को मजबूत करने के उपाय, जैसे शुक्रवार को सफेद वस्तुओं का दान, भगवान लक्ष्मी और शुक्र देव की पूजा, विवाह में सहायक माने जाते हैं।

यदि शनि के कारण देरी हो रही हो, तो शनिवार को शनि देव की उपासना और सेवा कार्य लाभकारी होते हैं।

मंत्र जाप, रत्न धारण और विशेष पूजा भी कुंडली के अनुसार सुझाई जाती है। ध्यान रहे कि कोई भी उपाय बिना विशेषज्ञ सलाह के न करें।

 

Also:विवाह के लिए बायोडाटा बनाएं

 

ज्योतिष कैसे मददगार साबित हो सकता है आपके लिए?

ज्योतिष केवल भविष्य बताने का माध्यम नहीं है। यह जीवन की दिशा समझाने का विज्ञान है।

यदि आप जानना चाहते हैं कि आपकी शादी कब होगी, किस तरह का जीवनसाथी मिलेगा, और कौन सी बाधा विवाह में रुकावट डाल रही है, तो ज्योतिष आपको स्पष्ट उत्तर दे सकता है।

सही ज्योतिषीय मार्गदर्शन से व्यक्ति मानसिक रूप से भी मजबूत होता है। उसे यह समझ आता है कि समस्या स्थायी नहीं है और सही समय आने पर समाधान अवश्य होगा।

 

देर से शादी होना हमेशा नकारात्मक नहीं होता

अक्सर लोग मान लेते हैं कि देर से शादी होना अशुभ है। लेकिन ज्योतिष ऐसा नहीं कहता।

कई कुंडलियों में देर से विवाह होने पर दांपत्य जीवन अधिक स्थिर और समझदारी भरा होता है। व्यक्ति मानसिक रूप से परिपक्व होता है और रिश्तों को बेहतर ढंग से निभा पाता है।

इसलिए विवाह में देरी को डर की तरह नहीं, बल्कि संकेत की तरह समझना चाहिए।

 

सही समय पर सही निर्णय क्यों ज़रूरी है?

कुंडली में विवाह योग होते हुए भी यदि व्यक्ति सही समय पर प्रयास नहीं करता, तो अवसर निकल सकता है।

ज्योतिष सही समय बताता है, लेकिन कर्म व्यक्ति को स्वयं करना होता है। जब ज्योतिषीय मार्गदर्शन और व्यक्तिगत प्रयास साथ चलते हैं, तब विवाह के योग साकार होते हैं।

 

Don't Miss: नि:शुल्क विवाह कैलकुलेटर

 

निष्कर्ष

यदि आपकी शादी में देरी हो रही है, तो घबराने की आवश्यकता नहीं है। इसके पीछे निश्चित ज्योतिषीय कारण होते हैं और उनके समाधान भी मौजूद हैं।

विवाह में देरी के कारण व उपाय को समझकर, सही ज्योतिषीय सलाह लेकर और धैर्य रखते हुए आप अपने वैवाहिक जीवन की दिशा बदल सकते हैं।

शादी का समय तय है, बस सही मार्गदर्शन की ज़रूरत होती है।

Also Read:शादी के लिए उम्र में कितना अंतर होना चाहिए

 

FAQs: शादी से जुड़े सामान्य सवाल

मेरी शादी कब होगी?

ज्योतिष के अनुसार, जन्मतिथि और कुंडली के विश्लेषण से शादी की सही तारीख का पता लगाया जा सकता है।
 

क्या मंगल दोष के बावजूद शादी हो सकती है?

हां, ज्योतिषीय उपायों से मंगल दोष के प्रभाव को कम किया जा सकता है, जिससे शादी में बाधा नहीं आएगी।

 

कुंडली मिलान क्यों जरूरी है?

कुंडली मिलान से यह सुनिश्चित किया जाता है कि आप और आपके जीवनसाथी के बीच संबंध सामंजस्यपूर्ण रहेंगे।

 

क्या ऑनलाइन शादी की भविष्यवाणी सटीक होती है?

यदि आप किसी प्रमाणित प्लेटफॉर्म या विशेषज्ञ से परामर्श लेते हैं, तो ऑनलाइन भविष्यवाणी काफी सटीक होती है।

 

शादी में देरी के ज्योतिषीय उपाय क्या हैं?

मंगल दोष की पूजा, सातवें भाव को मजबूत करने के उपाय, और गुरु ग्रह की दशा को बेहतर बनाने के लिए मंत्र जाप प्रमुख उपाय हैं।

 

ज्योतिष से संबंधित अधिक वीडियो के लिए यहां क्लिक करें - यूट्यूब 
 

Author : Krishna

Facing delays in marriage, job issues, or relationship doubts?