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जानिए कूर्म पुराण में क्या लिखा है?

जानिए कूर्म पुराण में क्या लिखा है?
  • 18 Apr 2024

 

कूर्म पुराण में क्या लिखा है?

हिंदू धर्म के 18 महापुराणों में से एक, कूर्म पुराण, ज्ञान और शिक्षा का खजाना है। भगवान विष्णु के 'कूर्म' (कछुआ) अवतार और विभिन्न ऋषियों के बीच संवाद के रूप में लिखा गया यह पुराण, जीवन के अनेक पहलुओं पर प्रकाश डालता है।

 

कूर्म पुराण में क्या लिखा है?

कूर्म पुराण में अनेक विषयों का समावेश है, जिनमें शामिल हैं:

 

  • सृष्टि और ब्रह्मांड: यह पुराण ब्रह्मांड की उत्पत्ति, विनाश और पुनर्निर्माण की कथा का वर्णन करता है।

 

 

  • धर्म और कर्म: कूर्म पुराण सदाचार, नीतिशास्त्र और कर्म के महत्व पर बल देता है। यह बताता है कि कैसे अच्छे कर्म करने से जीवन में सुख और सफलता प्राप्त होती है।

 

  • मोक्ष की प्राप्ति: यह पुराण आत्मा के मोक्ष (मुक्ति) प्राप्त करने के विभिन्न मार्गों का वर्णन करता है, जिसमें योग, ध्यान और भक्ति शामिल हैं।

 

  • वैदिक ज्ञान: कूर्म पुराण में वेदों, उपनिषदों और अन्य हिंदू ग्रंथों से ज्ञान और शिक्षाएं शामिल हैं।

 

कूर्म पुराण में क्या लिखा है

 

  • ज्योतिष और आयुर्वेद: ज्योतिष और आयुर्वेद के बारे में भी जानकारी दी गई है, जो ग्रहों की चाल और स्वास्थ्य से संबंधित है।

 

  • तीर्थयात्रा और मंदिर निर्माण: यह पुराण महत्वपूर्ण तीर्थस्थलों और मंदिरों की महिमा का वर्णन करता है, और मंदिर निर्माण के लिए दिशानिर्देश प्रदान करता है।

 

कूर्म पुराण मुख्य कितने अध्याय है

कूर्म पुराण में अध्यायों की संख्या आपके पढ़ रहे संस्करण पर निर्भर करती है। आम तौर पर माना जाता है कि इसमें मूल रूप से 17,000 श्लोक थे जो अध्यायों में विभाजित हैं। हालांकि, उपलब्ध पांडुलिपियों में आमतौर पर कम श्लोक होते हैं। सबसे विश्वसनीय संस्करण, आनंद स्वरूप गुप्त द्वारा संपादित संस्करण में 95 अध्याय हैं।

 

निष्कर्ष: कूर्म पुराण में क्या लिखा है?

कूर्म पुराण जीवन जीने की कला सिखाता है। यह हमें सदाचार, कर्म, धर्म और मोक्ष के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। यह ज्ञान और शिक्षा का खजाना है जो आज भी प्रासंगिक है।

 

कूर्म पुराण के बारे में 5 प्रश्नोत्तर:

 

कूर्म पुराण की रचना किसने की थी?

कूर्म पुराण की रचना ऋषि व्यास को माना जाता है, लेकिन इसकी सटीक तारीख और लेखक अज्ञात है।

 

कूर्म पुराण में कितने अध्याय हैं?

विभिन्न संस्करणों में अध्यायों की संख्या भिन्न होती है। सामान्यतः, इसमें 17,000 श्लोक (छंद) होते हैं जो 180-200 अध्यायों में विभाजित हैं।

 

क्या कूर्म पुराण केवल भगवान विष्णु के बारे में है?

नहीं, कूर्म पुराण में भगवान शिव, देवी दुर्गा और अन्य देवी-देवताओं का भी उल्लेख है।

 

कूर्म पुराण का महत्व क्या है?

कूर्म पुराण जीवन के विभिन्न पहलुओं पर मार्गदर्शन प्रदान करता है, जिसमें धर्म, कर्म, मोक्ष, और आध्यात्मिकता शामिल हैं।

 

मैं कूर्म पुराण को कहाँ पढ़ सकता हूँ?

कूर्म पुराण का हिंदी अनुवाद ऑनलाइन और पुस्तकालयों में उपलब्ध है।

 

ज्योतिष से संबंधित अधिक वीडियो के लिए यहां क्लिक करें - यूट्यूब
 

Author :

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